फिलीपींस में सबोंग का इतिहास: संस्कृति, परंपरा और जुनून की कहानी

फिलीपींस में सबोंग का इतिहास

फिलीपींस, जो 7,000 से अधिक द्वीपों का एक खूबसूरत द्वीपसमूह है, अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और अनूठी परंपराओं के लिए जाना जाता है। इन परंपराओं में से एक जो सबसे अलग और गहरी जड़ों वाली है, वह है ‘सबोंग’ या मुर्गा लड़ाई। सबोंग सिर्फ एक खेल या मनोरंजन का साधन नहीं है; यह फिलीपींस के सामाजिक और सांस्कृतिक ताने-बाने का एक अभिन्न अंग है। यह जुनून, सम्मान, बहादुरी और समुदाय की कहानी कहता है। इस विस्तृत लेख में, हम फिलीपींस में सबोंग का इतिहास, इसकी उत्पत्ति, विकास और आधुनिक समाज में इसके महत्व का पता लगाएंगे।

सबोंग को समझने के लिए, हमें इसके मूल को समझना होगा। यह सिर्फ दो मुर्गों के बीच की लड़ाई नहीं है, बल्कि यह प्रजनकों (breeders), प्रशिक्षकों (trainers) और उत्साही प्रशंसकों के समर्पण का प्रतीक है। यह एक ऐसी कला है जिसे सदियों से सम्मानित किया गया है और पीढ़ी-दर-पीढ़ी हस्तांतरित किया गया है।

सबोंग की प्राचीन जड़ें: इसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई?

सबोंग की सटीक उत्पत्ति का पता लगाना मुश्किल है, लेकिन इतिहासकारों का मानना है कि यह फिलीपींस में स्वदेशी नहीं है। यह खेल संभवतः दक्षिण पूर्व एशिया के अन्य हिस्सों से व्यापार और प्रवास के माध्यम से द्वीपसमूह में आया था। कई सिद्धांत बताते हैं कि यह प्रथा भारत, चीन या इंडोनेशिया जैसे क्षेत्रों से उत्पन्न हुई हो सकती है, जहाँ मुर्गा लड़ाई के विभिन्न रूप प्राचीन काल से मौजूद थे।

जब स्पेनिश उपनिवेशवादी 16वीं शताब्दी में फिलीपींस पहुंचे, तो उन्होंने पाया कि सबोंग पहले से ही स्थानीय संस्कृति का एक स्थापित हिस्सा था। प्रसिद्ध खोजकर्ता एंटोनियो पिगाफेटा, जो फर्डिनेंड मैगलन के अभियान का हिस्सा थे, ने अपने लेखन में इसका दस्तावेजीकरण किया। उन्होंने वर्णन किया कि कैसे स्थानीय प्रमुख और ग्रामीण इस खेल में शामिल होते थे, जो यह दर्शाता है कि यह उस समय तक समाज के सभी स्तरों पर लोकप्रिय था।

स्पेनिश शासन के तहत, सबोंग को औपचारिक रूप दिया गया और इसे नियंत्रित किया जाने लगा। स्पेनिश अधिकारियों ने इस खेल की लोकप्रियता को पहचाना और इसे कर राजस्व का स्रोत बनाने का अवसर देखा। उन्होंने विशेष रूप से डिजाइन किए गए अखाड़ों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जिन्हें “गैलेरा” (gallera) या कॉकपिट कहा जाता था। इन स्थानों पर होने वाली लड़ाइयों पर कर लगाया जाता था, जिससे यह उपनिवेश के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बन गया। इस विनियमन ने सबोंग को समाज में और अधिक स्थापित करने में मदद की, इसे एक अनौपचारिक ग्रामीण गतिविधि से एक संगठित और स्वीकृत मनोरंजन के रूप में बदल दिया।

संस्कृति में सबोंग का महत्व

सबोंग सिर्फ एक खेल से कहीं बढ़कर है; यह फिलीपींस की संस्कृति में गहराई से समाया हुआ है। यह सम्मान, बहादुरी (जिसे “पुसो” या दिल कहा जाता है), और भाग्य जैसे मूल्यों का प्रतीक है। एक अच्छा लड़ने वाला मुर्गा अपने मालिक के लिए गर्व का स्रोत होता है। इन पक्षियों को पालने और प्रशिक्षित करने में वर्षों का समर्पण, विशेषज्ञता और महत्वपूर्ण वित्तीय निवेश लगता है। प्रजनकों को उनके ज्ञान और कौशल के लिए समुदाय में बहुत सम्मान दिया जाता है।

यह सामाजिक संपर्क का एक महत्वपूर्ण केंद्र भी है। कॉकपिट में, जीवन के सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आते हैं – किसान, व्यवसायी, राजनेता और आम नागरिक। यह एक ऐसा स्थान है जहाँ सामाजिक बाधाएं मिट जाती हैं, और हर कोई खेल के प्रति अपने साझा जुनून से एकजुट होता है। यहाँ दोस्तियाँ बनती हैं, व्यापारिक सौदे होते हैं और कहानियाँ साझा की जाती हैं। यह सामुदायिक भावना सबोंग अनुभव का एक अनिवार्य हिस्सा है। रोमांचक गेमिंग अनुभव और सामुदायिक जुड़ाव के लिए, आप https://jinbonusbin.com पर जा सकते हैं, जहाँ आपको विभिन्न प्रकार के खेल और मनोरंजन के अवसर मिलेंगे।

गेमकॉक्स: सिर्फ एक पक्षी से कहीं ज़्यादा

सबोंग का दिल और आत्मा गेम कॉक (gamecock) या “तारी” (tari) है। ये साधारण मुर्गे नहीं हैं। वे विशेष रूप से अपनी ताकत, चपलता और लड़ने की भावना के लिए पाले जाते हैं। इन पक्षियों की वंशावली को सावधानीपूर्वक ट्रैक किया जाता है, और प्रजनकों को अपनी रक्त-रेखा (bloodlines) पर बहुत गर्व होता है। कुछ प्रसिद्ध रक्त-रेखाएँ दशकों, या सदियों पुरानी हो सकती हैं।

एक गेम कॉक को पालना एक विज्ञान और एक कला दोनों है। इसमें शामिल हैं:

  1. सर्वश्रेष्ठ रक्त-रेखाओं का चयन: प्रजनक उन पक्षियों का चयन करते हैं जिनके पास सिद्ध लड़ने वाले पूर्वज होते हैं। वे ताकत, गति और सहनशक्ति जैसे लक्षणों की तलाश करते हैं।
  2. विशेष आहार: गेम कॉक्स को उच्च-प्रोटीन आहार दिया जाता है जिसमें अनाज, सब्जियां और पूरक शामिल होते हैं ताकि उनकी शारीरिक स्थिति चरम पर हो।
  3. कठोर प्रशिक्षण: इन पक्षियों को उनकी मांसपेशियों को मजबूत करने, उनकी सहनशक्ति बढ़ाने और उनके लड़ने के कौशल को तेज करने के लिए एक कठोर प्रशिक्षण व्यवस्था से गुजरना पड़ता है। इसमें दौड़ना, अभ्यास लड़ाई (sparring) और अन्य व्यायाम शामिल हैं।
  4. कंडीशनिंग: लड़ाई से पहले के हफ्तों में, मुर्गों को एक गहन कंडीशनिंग प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है जिसे “कीपिंग” (keeping) कहा जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि वे अपनी लड़ाई के दिन शारीरिक और मानसिक रूप से चरम पर हों।

एक शीर्ष-गुणवत्ता वाले गेम कॉक की कीमत हजारों पेसो हो सकती है, जो इसे एक महत्वपूर्ण निवेश बनाता है। मालिक अपने पक्षियों के साथ एक गहरा बंधन विकसित करते हैं, उनकी देखभाल करते हैं जैसे कि वे बेशकीमती एथलीट हों।

सबोंग का अखाड़ा: नियम और अनुष्ठान

सबोंग एक विशिष्ट रूप से संरचित कार्यक्रम है जिसके अपने नियम, अनुष्ठान और शब्दावली हैं। लड़ाइयाँ एक गोलाकार या चौकोर अखाड़े में होती हैं जिसे “रुएडा” (rueda) या कॉकपिट कहा जाता है।

लड़ाई से पहले के अनुष्ठान

लड़ाई शुरू होने से पहले, कई महत्वपूर्ण चरण होते हैं:

  • उलटन (Ulatan): यह मैचमेकिंग प्रक्रिया है। हैंडलर अपने मुर्गों को अखाड़े में लाते हैं ताकि संभावित विरोधियों का आकलन किया जा सके। वे वजन, ऊंचाई और समग्र स्थिति जैसे कारकों पर विचार करते हैं। एक बार जब दो मालिक एक मैच पर सहमत हो जाते हैं, तो दांव पर सहमति बन जाती है।
  • तारी लगाना (Tari Installation): शायद लड़ाई का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा “तारी” (एक तेज ब्लेड) को मुर्गे के बाएं पैर में बांधना है। यह एक विशेषज्ञ द्वारा किया जाता है जिसे “मनादारी” (mananari) कहा जाता है। ब्लेड का कोण और स्थिति लड़ाई के परिणाम को बहुत प्रभावित कर सकती है।
  • पगपुला (Pagpusta) या बेटिंग: एक बार जब मुर्गों को तैयार कर लिया जाता है, तो बेटिंग या दांव लगाने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यह एक जीवंत और उन्मादी दृश्य हो सकता है, जिसमें दर्शक अपने दांव लगाने के लिए चिल्लाते हैं। कॉकपिट में क्रिस्टो (kristo) या बेट-टेकर हाथ के संकेतों का उपयोग करके दांव का समन्वय करता है, जो इस आयोजन की अराजकता में एक और परत जोड़ता है। दांव “मेरामास” (meramas) या “देहादो” (dehado) पर लगाया जाता है – पसंदीदा या अंडरडॉग।

लड़ाई

जब दांव लग जाते हैं, तो लड़ाई शुरू होती है। मुर्गों को अखाड़े के केंद्र में छोड़ दिया जाता है, और वे तुरंत एक-दूसरे पर हमला करते हैं। लड़ाइयाँ अक्सर तेज और क्रूर होती हैं, जो कुछ ही सेकंड या कुछ मिनटों तक चलती हैं। एक मुर्गा तब जीतता है जब उसका प्रतिद्वंद्वी या तो मर जाता है या लड़ने में असमर्थ हो जाता है। “सेंटेंसियाडोर” (sentenciador) या रेफरी विजेता की घोषणा करने के लिए विजेता मुर्गे को तीन बार उठाकर अंतिम निर्णय देता है। फिलीपींस में सबोंग का इतिहास बहादुरी और रणनीति के इन क्षणों से भरा है।

आधुनिक युग में सबोंग: कानून, विवाद और ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म

फिलीपींस में सबोंग का इतिहास
फिलीपींस में सबोंग का इतिहास

आज, सबोंग फिलीपींस में एक बहु-अरब पेसो का उद्योग है। यह कानूनी है और फिलीपीन गेमिंग आयोग (Philippine Amusement and Gaming Corporation – PAGCOR) और स्थानीय सरकारी इकाइयों द्वारा नियंत्रित किया जाता है। देश भर में हजारों लाइसेंस प्राप्त कॉकपिट हैं, जो हर हफ्ते लाखों उत्साही लोगों को आकर्षित करते हैं। यह उद्योग प्रजनकों, प्रशिक्षकों, फ़ीड आपूर्तिकर्ताओं और कॉकपिट कर्मचारियों सहित कई लोगों के लिए आजीविका भी प्रदान करता है।

हालाँकि, सबोंग विवादों के बिना नहीं है। पशु अधिकार संगठन लंबे समय से इस खेल की क्रूरता के लिए इसकी आलोचना करते रहे हैं। वे तर्क देते हैं कि यह पशु क्रूरता का एक रूप है और इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इन चिंताओं के कारण कुछ देशों में सबोंग पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, लेकिन फिलीपींस में यह कानूनी और सांस्कृतिक रूप से स्वीकृत है। समर्थकों का तर्क है कि यह एक गहरी जड़ें वाली परंपरा है और गेम कॉक्स को सम्मान के साथ पाला जाता है और वे स्वाभाविक रूप से आक्रामक होते हैं।

ऑनलाइन सबोंग (ई-सबोंग) का उदय

हाल के वर्षों में, प्रौद्योगिकी ने सबोंग परिदृश्य को बदल दिया है। ऑनलाइन सबोंग, या “ई-सबोंग” के उदय ने लोगों को अपने घरों में आराम से लड़ाइयों पर दांव लगाने की अनुमति दी। लड़ाइयों को कॉकपिट से लाइव-स्ट्रीम किया जाता था, और दर्शक ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से दांव लगा सकते थे। ई-सबोंग अविश्वसनीय रूप से लोकप्रिय हो गया, खासकर COVID-19 महामारी के दौरान जब भौतिक समारोहों पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

ई-सबोंग ने खेल को व्यापक दर्शकों के लिए सुलभ बना दिया और उद्योग के लिए बड़े पैमाने पर राजस्व उत्पन्न किया। हालाँकि, इसने सामाजिक समस्याओं को भी जन्म दिया, जिसमें जुए की लत और कर्ज शामिल हैं। इन चिंताओं के जवाब में, फिलीपीन सरकार ने मई 2022 में ई-सबोंग संचालन पर प्रतिबंध लगा दिया। फिर भी, सबोंग की दुनिया में रुचि रखने वालों के लिए, https://jinbonusbin.com जैसे प्लेटफ़ॉर्म एक सुरक्षित और विनियमित वातावरण में विभिन्न प्रकार के गेमिंग विकल्प प्रदान करते हैं।

इस प्रतिबंध के बावजूद, पारंपरिक सबोंग लाइसेंस प्राप्त कॉकपिट में फलना-फूलना जारी है, जो अपनी सांस्कृतिक प्रासंगिकता और स्थायी अपील को साबित करता है। यह खेल फिलीपीन समाज के ताने-बाने में गहराई से बुना हुआ है, और इसकी विरासत को मिटाना मुश्किल है।

सबोंग का आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

फिलीपींस में सबोंग का इतिहास केवल संस्कृति के बारे में नहीं है; यह अर्थव्यवस्था से भी जुड़ा हुआ है। सबोंग उद्योग देश भर में, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण चालक है।

  • रोजगार सृजन: यह उद्योग हजारों लोगों को रोजगार देता है। प्रजनकों और प्रशिक्षकों से लेकर कॉकपिट संचालकों, फ़ीड विक्रेताओं और तारी निर्माताओं तक, पूरी मूल्य श्रृंखला कई परिवारों के लिए आजीविका का समर्थन करती है।
  • ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कई ग्रामीण समुदायों के लिए, सबोंग आय का एक प्रमुख स्रोत है। रविवार और छुट्टियों पर आयोजित होने वाले डर्बी स्थानीय अर्थव्यवस्था में पैसा लाते हैं। यह किसानों को अपनी आय में वृद्धि करने का अवसर भी प्रदान करता है।
  • पर्यटन: हालांकि यह विवादास्पद है, सबोंग कुछ पर्यटकों को भी आकर्षित करता है जो इस अनूठी सांस्कृतिक घटना को देखने के लिए उत्सुक रहते हैं। बड़े डर्बी कार्यक्रम, जैसे कि वर्ल्ड स्लेशर कप, दुनिया भर से प्रतिभागियों और दर्शकों को आकर्षित करते हैं।

सामाजिक रूप से, सबोंग एक सामुदायिक बंधन शक्ति के रूप में कार्य करता है। यह लोगों को एक साथ लाता है, साझा अनुभव बनाता है और सामाजिक नेटवर्क को मजबूत करता है। यह स्थानीय पहचान और गर्व का भी स्रोत है। कई कस्बों और शहरों के अपने प्रसिद्ध प्रजनक और चैंपियन मुर्गे होते हैं, जो स्थानीय लोककथाओं का हिस्सा बन जाते हैं।

निष्कर्ष: एक स्थायी परंपरा

सबोंग एक जटिल और बहुआयामी घटना है। यह एक खेल, एक सांस्कृतिक परंपरा, एक उद्योग और एक सामाजिक अनुष्ठान है, जो सभी एक में लिपटे हुए हैं। इसकी जड़ें फिलीपींस के इतिहास में गहरी हैं, जो पूर्व-औपनिवेशिक काल से लेकर आज तक विकसित हुई हैं। पशु क्रूरता और जुए की लत से संबंधित वैध चिंताओं के बावजूद, सबोंग देश में लाखों लोगों के दिलों और दिमाग में एक विशेष स्थान रखता है।

यह बहादुरी, सम्मान और समुदाय के स्थायी फिलीपीनी मूल्यों का एक प्रमाण है। जब तक गेम कॉक्स का कौआ भोर में सुनाई देता है और जब तक कॉकपिट के अंदर भीड़ का उत्साह गूंजता है, तब तक सबोंग की विरासत जीवित रहेगी। यह एक ऐसी परंपरा है जो समय की कसौटी पर खरी उतरी है और आने वाली पीढ़ियों के लिए फिलीपीन संस्कृति का एक परिभाषित हिस्सा बनी रहेगी। चाहे आप एक अनुभवी प्रशंसक हों या एक जिज्ञासु पर्यवेक्षक, फिलीपींस में सबोंग का इतिहास मानव संस्कृति, परंपरा और जुनून की स्थायी शक्ति में एक आकर्षक झलक प्रदान करता है।

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